Mahajanpada | ancient india। UPSC Notes

50+ Important Questions प्रागैतिहासिक काल from Lucent

महाजनपद और उनके राजधानीयां ।

  1. अंग
    चम्पा ( भागलपुर के निकट)
  2. मगध
    गिरिव्रज, राजगृह
  3. वज्जि
    मिथिला, वैशाली
  4. काशी
    वाराणसी
  5. वत्स
    कौशाम्बी
  6. कोशल
    उत्तरी कोशल – श्रावस्ती( प्रारम्भ में) साकेत (आयोध्या) बाद में
    दक्षिणी कोशल – कुशावती
  7. मल्ल
    कुशीनारा और पावा
  8. कुरु
    इंद्रप्रस्थ, हस्तिनापुर
  9. पांचाल
    उत्तरी पांचाल – अहिशक्षात्र
    दक्षिणी पंचाल – कांपिल्य
  10. शुरशेन
    मथुरा
  11. मत्स्य
    विराटनगर/ विराट
  12. अवंति
    उत्तरी अवनति – उज्जैनी
    दक्षिणी अवनति – महिष्मति
  13. चेदि
    शक्तिमती
  14. अश्मक
    पोटन/ पोटली

15.गंधार
तक्षशिला

  1. कंबोज
    राजापुर/ हाटक

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महाजनपद काल ( प्राचीन भारत )

  • बौद्ध ग्रन्थ अंगुत्तर निकाय और महावस्तु तथा जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है
  • महाजनपद में दो प्रकार के राज्य थे – राजतंत्रात्मक और गणतंत्रात्मक।
  • गणतंत्रात्मक राज्य थे – वज्जि, मल्ल, कुरु, पांचाल, व कंबोज।
  • चम्पा नदी का प्राचीन नाम मालिनी था ।
  • अंग और मगध में संप्रभुता के लिए हमेशा संघर्ष होता रहता था।
  • मगध नरेश बिम्बिसार ने अंग नरेश ब्रह्मदत्त को युद्ध मे पराजित किया ।
  • वज्जि ( महाजनपद) का शाब्दिक अर्थ – पशुपालक समुदाय है।
  • वज्जि उत्तर में हिमालय की तराई से दक्षिण में गंगा नदी तक तथा पश्चिम में गंडक नदी से लेकर पूर्व में कोशी नदी तक था।
  • वज्जि संघ 8 कुलों से मिलकर बना था । जिनके नाम इस प्रकार है – विदेह, वज्जि, लिच्छवि, ज्यात्रिक, उग्र, भोग, कौरव, और ऐक्ष्वाक।
  • विदेह की राजधानी मिथिला थी जिसकी पहचान नेपाल स्थित जनकपुर धाम से की जाती है।
  • विदेह का अंतिम शासक कलार था।
  • लिच्छवियों की राजधानी वैशाली पूरे संगठन का केंद्र था ।
  • लिच्छवियों के निमंत्रण पर महात्मा बुद्ध वैशाली गए थे और वहां की प्रसिद्ध नर्तिकी आम्रपाली को बौद्ध धर्म मे दीक्षित किये।
  • वाराणसी वरुणा और अस्सी नामक दो नदियों के मध्य स्थित है।
  • काशी पहले कोशल राज्य द्वारा हड़प लिया गया और अंततः इसे मगध नरेश अजातशत्रु के समय इसे मगध में विलय कर लिया गया ।
  • वत्स राज्य का सबसे प्रतापी राजा उदयन था । उसने मगध राजकुमारी पद्मावती से विवाह किया । उसने अवनति नरेश चंडप्रद्योत को पराजित कर उसकी पुत्री वासवदत्ता से विवाह किया।
  • नाटक स्वप्नवासवदत्ता के रचयिता भास है।
  • कोशल राज्य का विस्तार उत्तर में नेपाल से लेकर दक्षिण में स्यानदिक नदी तक तथा पश्चिम में गोमती नदी से लेकर पूर्व में गंडक नदी तक फैला हुआ था।
  • कोशल राज्य को सरयू नदी दो भागों में बांटती थी। उत्तरी कोशल और दक्षिणी कोशल।
  • बुद्ध के समय मे कोशल का राजा प्रसेनजीत था।
  • मल्ल राज्य दो भागों में बंटा हुआ था ।कुशीनगर और पावा। कुशीनारा में महात्मा बुद्ध का निर्वाण हुआ।
  • महात्मा बुद्ध के समय कुरुओं का राजा कौरव्य था।
  • पांचाल जनपद के विस्तार उत्तर में हिमालय की तराई से लेकर दक्षिण में चम्बल नदी तक तथा पश्चिम में कुरु जनपद से लेकर पूर्व में कोशल जनपद तक था।
  • महात्मा बुद्ध के समय अवनति का राजा चनप्रद्योत था।
  • अवनति को मगध नरेश शिशुनाग ने मगध में मिला लिया।
  • चेदि महाजनपद का प्रसिद्ध शासक शिशुपाल था जिसकी चर्चा महाभारत में मिलती है। इस राज्य की एक शाखा ओडिशा कलिंग में स्थापित हुई जिसका प्रसिद्ध शाशक खारवेल हुआ।
  • अश्मक एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो दक्षिण भारत मे स्थित था। यह गोदावरी नदी के किनारे स्थिति था।
  • गंधार की राजधानी तक्षशिला शिक्षा का केंद्र था ।यहां का प्रसिद्ध शासक पुस्कारशरीन था। जिसने अवनति नरेश चंडप्रद्योत को युद्ध मे पराजित किया ।

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